सरकार ने मृत्यु भोज पर लगाई रोक, ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं पड़ा असर


बाड़मेर/विरमदेव देवासी: जिले सहित प्रदेश में लगातार फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम व बचाव को लेकर दो माह पहले पुलिस विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजस्थान मृत्युभोज निवारण अधिनियम-1960 की पालना सख्ती से करवाने के लिए पुलिस मुख्यालय से आदेश जारी किए गए हैं। कार्यालय महानिदेशक पुलिस, अपराध शाखा के उप महानिरीक्षक पुलिस किशन सहाय ने जयपुर व जोधपुर के उपायुक्तों के साथ प्रदेश के सभी पुलिस अधीक्षकों को आदेश जारी कर अधिनियम की प्रावधानों की पालना करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मृत्युभोज होने की सूचना न्यायालय को देने का दायित्व पंच, पटवारी व सरपंच को दिया गया है, इस अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने पर दंड का प्रावधान भी किया गया है।

ढील मिलते ही शुरू हो गए मृत्युभोज

लॉकडाउन में जिन बुजुर्गों की मृत्यु हुई थी, उनके परिजनों ने अखबार में विज्ञापन छपवाकर इस बात की सूचना दी थी कि कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए बैठक, डांगड़ी रात व गंगाप्रसादी के कार्यक्रम स्थगित किए गए हैं, जिससे जिले में कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी मदद मिली। लेकिन अनलॉक में सरकार ने जैसे ही ढील दी, लोगों ने मृत्युभोज करने शुरू कर दिए। हालांकि अनलॉक की गाइडलाइन में भीड़ एकत्र नहीं करने के स्पष्ट निर्देश थे, लेकिन पुलिस एवं प्रशासन की सख्ताई नहीं होने से लोगों ने लापरवाही बरतना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप कोरोना का संक्रमण फैलने की संभावना है। इसी प्रकार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई जगह मृत्युभोज की खबरें मिली हैं। लोग वाहवाही लूटने के लिए अन्य लोगों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

शादी व समारोह में भी भीड़ पर लगे रोक

सरकारी गाडइलाइन के अनुसार शादियों में 50 से ज्यादा लोगों की भीड़ एकत्र नहीं करने के निर्देश हैं। इसी प्रकार शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले सामाजिक समारोह में भी लोगों की संख्या नियंत्रित रखने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को सख्ती बरतनी होगी, अन्यथा कोरोना का संक्रमण रोकना संभव नहीं होगा।

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