5 दिन में आधे राजस्थान तक पहुंच गई टिड्डी, पेस्टीसाइड स्प्रे के बावजूद नहीं हो रही खत्म


अशोक गुगड़वाल /राजस्थान. पश्चिमी विक्षोभ के कारण पिछले एक सप्ताह से लगातार चल रही तेज हवा के कारण 5 दिन में ही टिड्डी आधे राजस्थान तक पहुंच गई। टिड्डी दल हवा के साथ प्रतिदिन 150 से 200 किलोमीटर का सफर कर रहा है, जिसके कारण पेस्टीसाइड स्प्रे के बावजूद पूरी टिड्डी खत्म नहीं हो रही है।

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन के अनुसार 1 से 7 मई के दरम्यान पाकिस्तान से भारत में अवयस्क टिड्डी ग्रुप ने प्रवेश किया। इनकी संख्या बॉर्डर तक सीमित थी लेकिन 8 से लेकर 13 मई के दौरान बड़ी संख्या में गुलाबी पंख वाले अवयस्क टिड्डी ग्रुप आ गए जो अजमेर तक पहुंच गए। पश्चिमी दिशा से हवा चलने के कारण इनकी दिशा लगातार पूर्व की ओर बनी हुई है।10 से 15 दल घुसे, एक दल में 4 करोड़ टिड्डी पिछले एक सप्ताह में पाकिस्तान सीमा से बाड़मेर, जैसलमेर, श्रीगंगानगर सीमा से 10 से 15 टिड्डी दल के रूप में अरबों की संख्या में टिड्डी आ गई। कुछ दल 4 किलोमीटर चौड़े और 5 किलोमीटर बड़े थे। एक गुणा एक वर्ग किलोमीटर में 4 करोड़ तक टिड्डी होती है। पेस्टीसाइड स्प्रे करके करोड़ों टिड्डी मार दी गई लेकिन टिड्डी अपने सेंसर की मदद से दो से तीन छोटे दलों को एकत्रित करके फिर बड़े दल के रूप में अटैक कर रही है।

30 देश 16 मिलियन वर्ग किमी क्षेत्र प्रभावित रेगिस्तान टिड्डी के कारण एशिया व अफ्रीका के 30 देश का 16 मिलियन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित है।

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राजस्थान की स्थिति – बीती रात बाड़मेर से बड़ा टिड्डी दल घुसा जो सेड़वा पहुंच गया। यह जालोर के रास्ते पर है। – किशनगढ़ के पीतोखड़ा के पास टिड्डी ऑपरेशन किया गया। बची-खुची टिड्डी ब्यावर भाग गई। – नागौर के मकराना से एक टिड्डी दल अजमेर की ओर बढ़ा है। संभवत: ब्यावर वाले दल से यह दल मांगलियावास में एक हो जाएगा। – फलोदी, जैसलमेर में एक दो छोटे दल है। बीकानेर व श्रीगंगानगर में टिड्डी खत्म कर दी गई है। 30 देश 16 मिलियन वर्ग किमी क्षेत्र प्रभावित रेगिस्तान टिड्डी के कारण एशिया व अफ्रीका के 30 देश का 16 मिलियन वर्ग किलोमीटर क्षेत्र प्रभावित है।

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