गढ्ढों में तब्दील हुई कई गांवों की सड़कें, पानी से भरे गढ्ढों से हादशे की आशंका


रिपोर्ट- विरमदेव देवासी

किटनोद: क्षेत्र के किटनोद से बालोतरा की तरफ जाने वाली सड़क की पीछले कई महिनों से जर्जर हालत हो गई है। सड़क में पड़े गढ्ढों की दो-तीन बार मरम्मत भी करवाई गई लेकिन घटिया सामग्री इस्तेमाल होने से दिनों-दिन समस्या बढ़ती जा रही है। क्षेत्र के आसोतरा- बालोतरा के रास्ते आने वाले राहगीरों को इन सड़कों की खस्ताहाल स्थिति होने परेशानी है।

परेशान ग्रामीणों ने कई बार इस सड़क बाबत शिकायत एवं मौखिक रूप में भी अवगत करवाया लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इन टूटी सड़कों से वाहन चालकों को परेशानी है।

यह सड़क पिछले कई महीनों से क्षतिग्रस्त है। इस संबंध में स्थानीय विधायक एवं विभागीय अधिकारियों को मैं अवगत करवाते हुए कहता हूं कि इस भीषण गर्मी में कोरोना का कहर भी अब तक समाप्त नहीं हुआ है लेकिन जनता की समस्याओं को दूर करने के लिए इच्छुक हूं।

बीस किलोमीटर लंबाई तक सड़क क्षतिग्रस्त से राहगीर परेशान

कस्बे बालोतरा से ग्राम पंचायत किटनोद सडक को संपर्क जोड़ने वाली मुख्य सड़क पूर्ण रुप से बिखर चुकी है। इसकी मरम्मत करवाने पर भी हालत बद से बद्तर होते जा रहे हैं।

इस सड़क से कस्बे सहित आस पास पड़ोस गांव के कई गांवों के ग्रामीणों का आना जाना लगा रहता है। निजी कामों हजारों वाहनों प्रतिदिन आवागमन करते हैं। ऐसे लंबे समय से चल रही पुननिर्माण किटनोद- बालोतरा के बीच करीब 15-20 किलोमीटर यह डमर सड़क लंबे समय से मरम्मत को आंसू बहा रही है।

किटनोद से बालोतरा के बीच क्षतिग्रस्त सड़क होने के कारण जगह जगह पर गढ्ढे बन गये है।जिनमें से होकर बड़े वाहन तो क्या दुपहिया वाहन चालकों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दिनों में इन गड्ढों में पानी भरा रहता है। जिसके कारण दुर्घटना होने की संभावना रहती हैं। रात में चालक को कोई गड्ढे दिखाई नहीं देते हैं जिसके कारण अक्सर दुर्घटना हो जाती है तथा अचानक ब्रेक मारने के कारण भी सड़क दुर्घटना के शिकार हो जाते हैं।

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