भारतVsइण्डिया : कोरोना काल की ये स्थिति शर्मनाक!


Article by Yourmate Hindu solanki.

जिन्हें भारत (bharat) पसंद नहीं था, उन्हें हवाई जहाज से घर लाये …..ओर जो लोग भारत निर्माण में व्यस्त थे वो कई कोसों से दर दर ठोकर खाते अपने घर आ रहे हैं।
इस बात को आगे भी इतिहास याद रखेगा की एक वक्त था जब भारत की दुनिया भर में बाहरी तौर पर वाह वाही हो रही थी , उस खुशी में देश के प्रधान अपने ही देश को बनाने वाले लोगों को भूल गए थे , उनको एक सजा के तौर पर ये दिखाया गया कि आप एक गरीब हो आपके लिए कुछ नहीं , आप चुपचाप पैदल जाओ ,या बीच रास्ते मे मर जाओ।


जो भारत को पसंद नहीं करते है वो इस मे रहना नही चाहते है ,उनके लिए हवाई जहाजों को लगाया गया ताकि उनको सही सलामत अपने घर तक पहुचा सके ,इसलिए कि वो पैसे वाले है । अच्छि बात है लोगो को अपने घर तक सही सलामत पहुंचाना लेकिन अमीर गरीब के बीच फर्क करके देश चलाना क्या ये सही लगता आपको , अगर ये सही लगता है , तो आप एक ऐसी दुनिया मे जी रहे है जहाँ आप का दिमाग कोई दूसरा व्यक्ति चला रहा है आप सही गलत में फर्क करना भी भूल गए है , जो दूसरा व्यक्ति आपको दिखायेगा वोही आप देखेगे ओर वोही कहेंगे या करेंगे ।

About Labours condition in India during lockdown.
देश मे तालाबंदी से पहले लगभग छ हज़ार ट्रेनें चलती थी जिसमे रोजाना तीन करोड़ से ज्यादा लोगो को ढोती थी. देखा जाए तो 1 दिन में सही से करे काम तो बहुत गरीब मजदूरों को अपने घर पहुंचा सकती है सरकार , लेकिन 50 दिन बीत जाने के बाद भी लोग सड़कों पर मर रहे है बच्चे औरते ,तेज़ गरमी में हज़ारो किलोमीटर पैदल चलकर जा रहे है घर इस उमीद में की खाने को ओर रहने को मिलेगा । उनको घर जाकर परिवार के साथ त्योहार नहीं मनाना है , बस घर पहुंच जाए बस इस उम्मीद से चल रहा है गरीब भारत , इंडिया (india) कब का घर पहुंच गया लेकिन भारत अभी भी सड़को पर पैर रगड़ रहा है ।
और दुनिया इंडिया इंडिया कर रही है क्या दुनिया भी इसी प्रकार की है जो एक स्तर पर लोगो को छोड़ दिया जाता है या सजा के जैसे बर्ताव किया जाता है , जो एक देश का निर्माण करने में असली भागीदारी निभाता है उस व्यक्ति या समाज से ।

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